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फैशन में मौलिकता की कमी महसूस होती है : प्रियदर्शिनी राव
Pradesh18 Hindi फैशन उद्योग भी इससे अछूता नहीं है. प्रियदर्शिनी ने 1996 में अपना लेबल शुरू किया था. उनका उद्देश्य उन महिलाओं की पसंद पर ध्यान केंद्रित करना था, जिन्हें समकालीन भारतीयता और विश्व के व्यापक दृष्टिकोण में आधुनिक कपड़े पसंद थे. उन्होंने लैक्मे फैशन वीक विंटर उत्सव 2016 में जापानी कढ़ाई सशिको से प्रेरित संग्रह को पेश किया. जापानी कढ़ाई के इन रूपांकनों का प्रिंट में इस्तेमाल हुआ. मोडल, बेम्बर्ग और टेंसल का कपड़ों में इस्तेमाल किया गया. उन्होंने कभी बॉलीवुड फिल्मों के लिए डिजाइन नहीं किया है. उन्हें फिल्मी हस्तियों के नखरे और बदलते मिजाज के कारण इनके साथ काम करना ... |
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