...इसलिए पगड़ी कभी नहीं होगी 'आउट ऑफ फैशन'
EenaduIndia Hindi पगड़ी पुरुषों के माथे पर बांधा जाने वाला एक शान का प्रतीक होता है। आज भी राजपूतों व राजघरानों में पुरुषों के पगड़ी बांधने का रिवाज है। विशेषकर, राजस्थान में तो पगड़ी व मूंछ को पुरुषों की शान-ओ-शौकत का प्रतीक माना जाता है। वक्त बदलता गया और इस बदलते वक्त के साथ पगड़ी ने भी पाग, साफा, फालिया, घुमालो, अमलो आदि के रूप में अपने कई कलेवर बदले। पगड़ी के इन बदलते कलेवरों के साथ ही इसने अपना अस्तित्व नहीं खोया। पगड़ी बिना शान नहीं कई प्रमुख तीज-त्योहारों एवं शादियों आदि अनेक अवसरों पर पुरुषों द्वारा पगड़ी पहनी जाती है। यहां तक कि हिंदुओं में विवाह में दूल्हे को रेडिमेड ... |
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