सत्याग्रह |
महिलाओं के कपड़ों में ज़ेब क्यों नहीं होती?
सत्याग्रह दुनियाभर की महिलाओं के साथ हुए इस भेदभाव की एक वजह फैशन भी है. फैशन डिजाइनर महिलाओं के लिए उनकी सुविधा के बजाय उनके शरीर को सुंदर दिखाने के हिसाब से पोशाक डिजाइन करते हैं. हालांकि यह भी पुरुषवादी मानसिकता को दिखाता है, मानो महिलाएं सिर्फ सुंदर दिखें इससे ज्यादा उनकी कोई उपयोगिता ही नहीं है! बिल्कुल सही समय तो नहीं बताया जा सकता लेकिन 1840 के बाद (अगर इस समय को आधुनिक फैशन की शुरुआत मान लें तो) फैशन डिजाइनर महिलाओं के लिए बड़े गले, पतली कमर और नीचे से घेरदार स्कर्टनुमा ड्रेस डिजाइन करने लगे थे. यह चलन धीरे-धीरे महिलाओं की ड्रेसों से जुड़े फैशन की बुनियाद बन ... |
महिलाओं के कपड़ों में ज़ेब क्यों नहीं होती? - सत्याग्रह
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