आईचौक |
फैशन नहीं, ये क्रूरता है!
आईचौक वो चाहे फैशन हो या स्टेटस, लोग इसे मैंटेन करने में दिन-रात लगे रहते हैं. पर स्टेटस मैंटेन करने के चक्कर में वो जो कर रहे हैं उसे क्रूरता ही कहा जा सकता है. जानवर पालना लोगों का शौक होता है, बहुत से लोग कुत्ते-बिल्ली पालते हैं, लेकिन जानवारों की ऐसी प्रजाति अपने पास रखना जो कहीं नहीं हो, उससे बढ़ता है स्टेटस. आपको वोडाफोन के विज्ञापन में आने वाला पग याद होगा, उसके बाद पग्स की डिमांड तेजी से बढ़ी, पग्स को पालना लोगों का स्टेटस सिंबल हो गया. और जैसे ही मार्केट में ऐसे किसी जानवर की डिमांड बढ़ती है, वैसे ही दूसरी तरफ इन जानवरों के साथ अत्याचार की घटनाएं बढ़ने लगती हैं. यानी ... |
फैशन नहीं, ये क्रूरता है! - आईचौक
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