फैशन - अमर उजाला


फैशन
अमर उजाला
कुछ युवा पहन महंगे फटे कपड़े इतराते जमाने भर में घूमते हैं अगर मना करो इन्हें तो कहते चचा तुम हुए पुराने ये तो नया फैशन है सुन उनका उल्हाना मैं खुद से कहता हूं कैसा है ये युवा क्यों फटे कपड़े पहनता है पुराने जमाने में तो शायद यह मजबूरी थी तब टांके लगा काम चला लिया करते थे ये अब शान से घूमते हैं समझाने पर भी नही समझते हैं। - संजय प्रधान हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। आपकी रचनात्मकता को अमर उजाला काव्य देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें ...


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